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à¤à¤²à¥‹ वेरा लेटेकà¥à¤¸ का ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾-मातà¥à¤°à¤¾ में सेवन कैंसर का कारण à¤à¥€ बन सकता है. इसके अलावा डायरिया, पेट में दरà¥à¤¦ जैसी समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ à¤à¥€ देखने को मिल सकती हैं. जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ à¤à¤²à¥‹à¤µà¥‡à¤°à¤¾ से à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ है, उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ à¤à¥€ इसका सेवन करने से बचना चाहिà¤
à¤à¤²à¥‹à¤µà¥‡à¤°à¤¾ के इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² में जरा सी लापरवाही बना सकती है कैंसर का शिकार, जानिठकैसे
à¤à¤²à¥‹à¤µà¥‡à¤°à¤¾ का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² आजकल कई तरह की सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं में खूब किया जा रहा है। सà¥à¤•िन समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं में à¤à¤²à¥‹à¤µà¥‡à¤°à¤¾ का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² खासतौर पर लोकपà¥à¤°à¤¿à¤¯ है। सà¥à¤•िन पर मà¥à¤¹à¤¾à¤‚से, à¤à¥à¤°à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ आदि हटाने के साथ-साथ सà¥à¤•िन को फेयर और नम बनाठरखने के लिठà¤à¥€ à¤à¤²à¥‹à¤µà¥‡à¤°à¤¾ बेहद फायदेमंद हरà¥à¤¬ है। इसके इतने फायदों और इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² किठजाने की आसान विधियों की वजह से आम लोगों में à¤à¤²à¥‹à¤µà¥‡à¤°à¤¾ का उपयोग काफी बढ़ा है। à¤à¤²à¥‹à¤µà¥‡à¤°à¤¾ के इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² के दौरान हमें थोड़ी सी सावधानी बरतनी चाहिठनहीं तो इस फायदेमंद हरà¥à¤¬ से कैंसर जैसी घातक बीमारी à¤à¥€ हो सकती है। à¤à¤• अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ में इस बात का दावा किया गया है।
अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ में बताया गया है कि जब हम à¤à¤²à¥‹à¤µà¥‡à¤°à¤¾ का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करने के लिठउसके पौधे को काटते हैं तब उसमें से à¤à¤• पीले रंग का तरल पदारà¥à¤¥ निकलता है। यह तरल पदारà¥à¤¥ à¤à¤²à¥‹-लेटेकà¥à¤¸ कहा जाता है। सेहत के लिहाज से यह बेहद घातक होता है। इससे सरदरà¥à¤¦, à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ और कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी à¤à¥€ हो सकती है। à¤à¤¸à¥‡ में हमें à¤à¤²à¥‹à¤µà¥‡à¤°à¤¾ के पौधे को बेहद सावधानी से काटना चाहिà¤à¥¤ शोधकारों का कहना है कि à¤à¤²à¥‹-लेटेकà¥à¤¸ विषैला पदारà¥à¤¥ है। इससे कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी हो सकती है। अमेरिका के इस शोध में à¤à¤²à¥‹à¤µà¥‡à¤°à¤¾ का लैब में परीकà¥à¤·à¤£ किया गया था। परीकà¥à¤·à¤£ में यह पता लगा कि à¤à¤²à¥‹à¤µà¥‡à¤°à¤¾ की चटनी, मà¥à¤°à¤¬à¥à¤¬à¤¾, जैम या जूस बनाते समय अगर à¤à¤²à¥‹-लेटेकà¥à¤¸ की थोड़ी à¤à¥€ मातà¥à¤°à¤¾ उसमें पड़ जाठतो यह शरीर में कैंसर के कारकों को पैदा करने में मदद कर सकती है।
तà¥à¤µà¤šà¤¾ के लिठà¤à¥€ à¤à¤²à¥‹à¤µà¥‡à¤°à¤¾ के इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² में खास सावधानी बरतने की जरूरत होती है। नहीं तो खà¥à¤œà¤²à¥€, à¤à¤•à¥à¤œà¤¿à¤®à¤¾ जैसी सà¥à¤•िन पà¥à¤°à¥‰à¤¬à¥à¤²à¤®à¥à¤¸ हो सकती हैं। इन समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं से बचने के लिठआपको à¤à¤²à¥‹à¤µà¥‡à¤°à¤¾ के सही इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² की विधि पता होनी चाहिà¤à¥¤ इसके लिठआप à¤à¤²à¥‹à¤µà¥‡à¤°à¤¾ की पतà¥à¤¤à¥€ को तोड़कर कà¥à¤› देर के लिठà¤à¤¸à¥‡ ही छोड़ दें। कà¥à¤› देर बाद इसका पीला पदारà¥à¤¥ यानी लेटेकà¥à¤¸ पूरी तरह से निकाल जाà¤à¤—ा। फिर इसे धोà¤à¤‚ और अचà¥â€à¤›à¥‡ से इसà¥â€à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करें।
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